
भूमिका में:
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान क्या है, इसके बारे में –
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान ‘‘सबका साथ, सबका गाँव, सबका विकास’’ की अवधारणा को पूरा करने का प्रयास है ताकि मज़बूत पंचायतों और प्रभावकारी जनभागीदारी के ज़रिये ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-थलग पडे़ लोगों तक पहुँचा जा सके।
विषय-वस्तु में:
निर्वाचित प्रतिनिधियों की अक्षमता, तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर्मचारियों, कार्य करने हेतु भवन, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा जैसी आधारभूत संरचनाओं का अभाव आदि विभिन्न कमियों को दूर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान लाया गया।
सतत् विकास लक्ष्यों से जुडे़ ग्रामीण मुद्दों के समाधान हेतु इनकी भूमिका के रूप में निम्न बिंदुओं को स्पष्ट करें-
→ सतत् विकास लक्ष्यों संबंधी विषय पर पंचायती राज संस्थाओं की शासन संबंधी कार्यक्षमता में वृद्धि
→ उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग द्धारा समेकित ग्रामीण शासन
→ पंचायतों की स्वयं की आय के स्रोतों का विकास
→ ग्राम सभाओं की प्रभावी कार्यक्षमता मज़बूत होगी
→ पेसा (पंचायती राज का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 1996 के अंतर्गत पंचायतों को अधिकारों और दायित्वों का हस्तांतरण
→ प्रशासनिक सघनता और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिये पंचायतों में ई-प्रशासन एवं अन्य तकनीकों को प्रोत्साहन
निष्कर्ष
RGSA का विस्तार न केवल देश के उन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में किया जाएगा जहाँ पंचायतें हैं वरन उन क्षेत्रों में भी होगा जहाँ संविधान का भाग IX लागू नहीं है, अर्थात् जहाँ पंचायतें नहीं हैं। इस प्रकार यह देश के ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करेगा और ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता लाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।















