GS Paper-3 Environment (जीव विज्ञान और पर्यावरण) Part-1 (Q-10)

GS PAPER-3 (जीव विज्ञान और पर्यावरण) Q-10
 
https://upscquiztest.blogspot.com/

Q.10 - भारत की विशिष्ट भौगोलिक पृष्ठभूमि में नवीकरणीय ऊर्जा के विकेंद्रीकृत प्रादेशिक विकास की संभाव्यता की विवेचना करें। साथ ही इसके विकास में विद्यमान चुनौतियों की भी चर्चा करें।
 
उत्तर :
भूमिका में :-  
यह ऐसी ऊर्जा है जो प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर करती है। इसमें सौर ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा, पवन, ज्वार, जल और बायोमास के विभिन्न प्रकारों को शामिल किया जाता है। उल्लेखनीय है कि यह कभी भी समाप्त नहीं हो सकती है और इसे लगातार नवीनीकृत किया जाता है।

विषय-वस्तु में :- 
भारत की भौगोलिक विविधता के संदर्भ में विश्लेषण करते हुए  नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाओं पर चर्चा -
  पश्चिमी भारत (गुजरात और राजस्थान) के मरुस्थल में वर्ष के लगभग 300 दिन सीधे सूर्य चमकता है। इस कारण यह क्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के लिये उपयुक्त है। 
  यह मरुस्थलीय क्षेत्र तीव्र वायु बहाव के लिये भी उपयुक्त है। इसलिये इस क्षेत्र में पवन ऊर्जा की संभावनाएँ भी अधिक हैं। 
  लगभग 7500 किमी. लंबी तटरेखा ज्वारीय ऊर्जा उत्पादन के लिये पर्याप्त है। 
  हिमालय, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के कुछ प्रदेश भूगर्भिक ऊर्जा उत्पादन हेतु उपयुक्त हैं। 
  इसके अतिरिक्त शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट से ऊर्जा निर्माण भी विकेंद्रीकृत रूप में संभव है इत्यादि।

विभिन्न बाधाओं की चर्चा -
  निवेश का अभाव इस दिशा में महत्त्वपूर्ण बाधा है। सौर ऊर्जा पैनल या पवन ऊर्जा हेतु टरबाइन की स्थापना में अधिक निवेश की आवश्यकता होती है। सरकार अकेले इतना बड़ा निवेश नहीं कर सकती। 
  पर्याप्त तकनीक का अभाव। सोलर सेल निर्माण में भारत अभी भी आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है। 
  ज्वारीय ऊर्जा या भू-गर्भिक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु पर्याप्त अवसंरचना का अभाव है। 
  नवीकरणीय ऊर्जा हेतु सरकार ने नीति बनाई है, किंतु उसका कमज़ोर क्रियान्वयन समस्या उत्पन्न करता है। 
  पवन ऊर्जा के लिये वायु की निश्चित सीमा से अधिक गति होनी आवश्यक है और सौर ऊर्जा के लिये सूर्य का प्रकाश निरंतर होना चाहिये। किंतु इन प्राकृतिक घटनाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है। इनके अभाव में ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। 
  नवीन तकनीकों का अभी वाणिज्यीकरण नहीं हो पाया है इत्यादि। 
  उपर्युक्त बाधाओं के निराकरण हेतु सरकारी प्रयासों की संक्षेप में चर्चा करें।
अंत में प्रश्नानुसार संक्षिप्त, संतुलित एवं सारगर्भित निष्कर्ष प्रस्तुत करें।

Tags